अष्टादश अध्याय 2 परमार्थ के विषय मे अंधे व्यक्ति नवद्वीप तथा ब्रज में जो निगूढ़ सम्बन्ध है अर्थात वह एक होने पर भी दो रूपों में प्रकाशित है , नहीं देख पाते। हे जीव ! श्रीकृष्ण त...
श्रीनवद्वीपधाम माहात्म्य अष्टादश अध्याय 1 श्रीगौरसुन्दर की जय हो ! जय हो ! श्रीजाह्वा देवी के जीवन स्वरूप पद्मवतीनंदन श्रीनित्यानन्द प्रभु की जय हो! जय हो ! सीतापति श्रीअद...
श्रीनवद्वीपधाम माहात्म्य सप्तदश अध्याय श्रीनित्यानन्द प्रभु तथा श्रीजीव गोस्वामी के प्रश्न उत्तर श्रीगौरचन्द्र की जय हो ! जय हो !श्रीअद्वैताचार्य प्रभु की जय हो ! जय ह...
श्रीनवद्वीपधाम माहात्म्य षोडश अध्याय 2 उन्होंने साष्टांग प्रणाम करके दीनतापूर्वक कहा कि हे नाथ इस अधम का उद्धार कीजिये। उन्होंने इनको युगल श्रीराधाकृष्ण का मंत्र प्...
श्रीनवद्वीपधाम माहात्म्य षोडश अध्याय 1 नदियाविहारी श्रीगौरचन्द्र की जय हो! जय हो ! एकचक्रा नामक ग्राम के अधिपति श्रीनित्यानन्द प्रभु की जय हो ! जय हो ! शांतिपुर के अद्वैत प...